Haryana budhapa pension: हरियाणा में बुजुर्गों को बड़ी राहत! अब बिना किसी परेशानी के बनेगी पेंशन

Haryana budhapa pension: हरियाणा सरकार ने बुजुर्गों के जीवन को और अधिक आरामदायक और सम्मानजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य की वृद्ध सम्मान पेंशन योजना में बदलाव करते हुए इसे पूरी तरह से डिजिटल और स्वचालित प्रक्रिया में बदल दिया गया है। इसका सीधा लाभ लाखों बुजुर्गों को मिलेगा, जिन्हें अब पेंशन के लिए न तो अलग से आवेदन करना पड़ेगा और न ही सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ेंगे।
परिवार पहचान पत्र से सीधे मिलेगी पेंशन
अब अगर बुजुर्ग 60 साल या उससे अधिक उम्र के हैं और परिवार पहचान पत्र में यह जानकारी सही दर्ज है तो उनकी पेंशन अपने आप शुरू हो जाएगी। इसके लिए कोई अतिरिक्त आवेदन या दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल सिस्टम द्वारा नियंत्रित होगी, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों सुनिश्चित होगी।
इस योजना का लाभ वे सभी बुजुर्ग उठा सकते हैं जो निम्न शर्तों को पूरा करते हैं:
60 वर्ष या उससे अधिक आयु के हों

हरियाणा के स्थायी निवासी हों
परिवार की आईडी में सही जन्मतिथि दर्ज हो
आधार कार्ड और बैंक खाता अनिवार्य है
परिवार की वार्षिक आय ₹2 लाख या उससे कम होनी चाहिए
इन शर्तों को पूरा करने पर पेंशन सीधे लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी, बिना किसी मध्यस्थ या एजेंट की आवश्यकता के।
हर महीने मिलेगी ₹3000 की सहायता
सरकार पात्र लाभार्थियों को हर महीने ₹3000 की आर्थिक सहायता देती है। यह राशि DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। भविष्य में इस राशि को बढ़ाकर ₹3500 या ₹4000 करने पर भी विचार किया जा रहा है।
व्यवस्था बदलेगी, जिंदगी बदलेगी
पहले बुजुर्गों को पेंशन के लिए साइबर कैफे, सीएससी सेंटर या सरकारी दफ्तरों का सहारा लेना पड़ता था, जिसमें समय की बर्बादी तो होती ही थी, साथ ही कई बार उनसे अनचाही फीस भी वसूली जाती थी। अब नई व्यवस्था में यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑटोमेटिक और फ्री हो गई है।
व्यवस्था बदलेगी, जिंदगी बदलेगी
पहले बुजुर्गों को पेंशन के लिए साइबर कैफे, सीएससी सेंटर या सरकारी दफ्तरों का सहारा लेना पड़ता था, जिसमें समय की बर्बादी तो होती ही थी, साथ ही कई बार उनसे अनचाही फीस भी वसूली जाती थी। अब नई व्यवस्था में यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑटोमेटिक और फ्री हो गई है।
सरकार का कहना है कि फैमिली आईडी सिस्टम में जैसे ही किसी नागरिक की उम्र 60 साल हो जाती है और अन्य पात्रता मानदंड पूरे हो जाते हैं, सिस्टम उन्हें पेंशन लाभार्थी के रूप में रजिस्टर कर देता है।













